|

Berita

    Beranda   >     Industri    >     Isi utama

    कश्मीर: ‘विरोध का प्रतीक’ बनी इस वायरल तस्वीर की पूरी कहानी

    Ikhtisar:इमेज कॉपीरइटPeerzada Waseemसोशल मीडिया पर कश्मीर के एक स्कूली बच्चे की यह तस्वीर वायरल हो गई है. इस

      इमेज कॉपीरइटPeerzada Waseem

      सोशल मीडिया पर कश्मीर के एक स्कूली बच्चे की यह तस्वीर वायरल हो गई है.

      इस तस्वीर को केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीनने वाले निर्णय के ख़िलाफ़ भारत प्रशासित कश्मीर के 'विरोध का प्रतीक' बताया जा रहा है.

      सोमवार को अनुच्छेद-370 'ख़त्म' किये जाने की घोषणा के बाद से ही इस तस्वीर को भारत और पाकिस्तान में शेयर किया जा रहा है.

      #KashmirBleedsUNSleeps, #SaveKashmirSOS और #ModiKillingKashmiris जैसे हैशटैग्स के साथ इस तस्वीर को ट्विटर और फ़ेसबुक पर सैकड़ों बार पोस्ट किया गया है.

      इमेज कॉपीरइटSM Viral Post

      कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि 'ये तस्वीर कश्मीर में चल रहे मौजूदा तनाव के बीच की है'. लेकिन यह सच नहीं है.

      यह फ़ोटो एक साल पुरानी है और इसे उत्तर कश्मीर में फ़ोटो जर्नलिस्ट पीरज़ादा वसीमने खींची थी.

      इस फ़ोटो के पीछे की कहानी जानने के लिए हमने श्रीनगर में रहने वाले 24 वर्षीय वसीम से बात की.

      इमेज कॉपीरइटPeerzada WaseemImage caption

      पीरज़ादा वसीम श्रीनगर से चलने वाली एक न्यूज़ वेबसाइट के लिए काम करते हैं

      कब और कहाँ की है ये तस्वीर?

      पीरज़ादा वसीम ने बताया की ये तस्वीर उन्होंने 27 अगस्त 2018 को श्रीनगर से उत्तर-पश्चिम में स्थित सोपोर क़स्बे में खींची थी.

      वसीम के मुताबिक़ 26 अगस्त 2018 को श्रीनगर और अनंतनाग समेत दक्षिण-कश्मीर के कुछ इलाक़ों से यह अफ़वाह फैलनी शुरु हुई थी कि सुप्रीम कोर्ट 35-ए पर सुनवाई करने जा रहा है.

      वसीम बताते हैं कि इस अफ़वाह के आधार पर कई अलगाववादी संगठनों ने भारत प्रशासित कश्मीर के कई इलाक़ों में बंद का आह्वान कर दिया था और मार्च करने की चेतावनी दी थी.

      वसीम ने पिछले साल फैली इस अफ़वाह के बारे में जो बातें बीबीसी को बताईं, जम्मू-कश्मीर के एडीजी पुलिस (सिक्योरिटी) मुनीर अहमद ख़ान का एक ट्वीट उनकी पुष्टि करता है.

      इमेज कॉपीरइटTwitter

      मुनीर अहमद ने 27 अगस्त 2018 को अपने ट्वीट में लिखा था, “ऐसी अफ़वाह फैल रही है कि सुप्रीम कोर्ट आज आर्टिकल 35-ए पर सुनवाई करने वाला है. ये फ़ैक्ट नहीं है. हम ऐसी अफ़वाह फैलाने वालों की जाँच कर रहे हैं और उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जायेगी.”

      लेकिन इस अफ़वाह के कारण श्रीनगर, अनंतनाग और सोपेर के कुछ हिस्सों में तीन दिन तक बंद रहा था और कई जगह से सेना की प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झड़पें होने की ख़बरें आई थीं.

      इमेज कॉपीरइटPeerzada WaseemImage caption

      सोपोर मेन चौक का इलाक़ा

      फ़ोटो के पीछे की कहानी

      बीते चार वर्षों से घाटी में फ़ोटो जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे पीरज़ादा वसीम ने बीबीसी को बताया कि 35-ए से जुड़ी अफ़वाह के कारण पूरी घाटी में ही तनाव था, लेकिन सोपोर क़स्बे में हालात कुछ ज़्यादा तनावपूर्ण हो गये थे.

      वसीम कहते हैं, “सीआरपीएफ़ के लिए सोपोर में मॉब को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था. जब मैं वहाँ पहुँचा तो कई लोगों को यह पता था कि सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर से आर्टिकल 35-ए हटा दिया है. अफ़वाह बुरी तरह फैल चुकी थी.”

      “पुलिस ने स्कूल और कॉलेज पहले ही बंद करवा दिये थे. पर जब मैं सोपोर मेन चौक के इलाक़े में पहुँचा तो दुकानें खुली थीं. कुछ दूर पर नारेबाज़ी हो रही थी. सीआरपीएफ़ इलाक़े की नाक़ेबंदी में जुटी थी.”

      वसीम कहते हैं कि देखते ही देखते सोपोर मेन चौक में एक तरफ़ से पत्थरबाज़ी शुरु हो गई जिसका जवाब सैनिकों ने पैलेट गन से दिया.

      वो बताते हैं, “जैसे ही फ़ायरिंग हुई, दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर गलियों में दौड़े. तभी मैंने देखा कि स्कूल की ड्रेस में छह-सात लड़कों का एक समूह गली से निकला. उनके हाथ में वो कुर्सियाँ थीं जिन्हें दुकानदार जल्दबाज़ी में दुकानों के बाहर छोड़ गये थे.”

      “इन लड़कों में से एक ने दुकान के आगे कुर्सी डाली, वो उसपर बैठा और चिल्लाने लगा कि 'अब चलाओ गोली, देखते हैं कितना दम है'.”

      पीरज़ादा वसीम दावा करते हैं कि वायरल तस्वीर में जो लड़का दिखाई देता है, वो उस समय ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा था.

      इमेज कॉपीरइटPeerzada Waseemलड़के का क्या हुआ?

      पर क्या सैनिकों ने इस लड़के पर पैलेट गन से हमला किया था? इसके जवाब में वसीम कहते हैं कि सैनिकों ने गोली चलाई तो थी, लेकिन छर्रे इस लड़के को नहीं लगे थे.

      वो बताते हैं कि “सोपोर में हुई इस झड़प में कुछ अन्य स्कूली छात्र ज़रूर पैलेट गन से घायल हो गये थे. इनमें से कुछ स्टूडेंट्स से मेरी मुलाक़ात अस्पताल में हुई थी. ये सारा हंगामा कम से कम तीन दिन चला था.”

      27 अगस्त से लेकर 31 अगस्त 2018 के बीच स्थानीय मीडिया में छपी ख़बरें सैनिकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़पों की पुष्टि करती हैं. हालांकि इस दौरान किसी प्रदर्शनकारी की मौत की ख़बर हमें नहीं मिली.

      पीरज़ादा वसीम बताते हैं कि साल 2018 में भी उनकी यह तस्वीर काफ़ी शेयर की गई थी.

      अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारुक़ ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा था, “यह सुनकर दुख होता है कि हमारे युवाओं को पैलेट गन से अंधा किया जा रहा है. वो भी उस देश के द्वारा जो अपने आप को अंहिसा का परिचायक बताता है. वो उनके साथ इतना अमानवीय व्यवहार करता है जो सिर्फ़ अपने बुनियादी अधिकारों की माँग कर रहे हैं.”

      इमेज कॉपीरइटTwitter

      (इस लिंक पर क्लिककरके भी आप हमसे जुड़ सकते हैं)

    •   पढ़ें फ़ैक्ट चेक की सभी कहानियाँ एक साथ - फ़ैक्ट चेक- जानें फ़र्ज़ी ख़बरों और दावों का सच

      (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

    United Arab Emirates Dirham

    • United Arab Emirates Dirham
    • Australia Dollar
    • Canadian Dollar
    • Swiss Franc
    • Chinese Yuan
    • Danish Krone
    • Euro
    • British Pound
    • Hong Kong Dollar
    • Hungarian Forint
    • Japanese Yen
    • South Korean Won
    • Mexican Peso
    • Malaysian Ringgit
    • Norwegian Krone
    • New Zealand Dollar
    • Polish Zloty
    • Russian Ruble
    • Saudi Arabian Riyal
    • Swedish Krona
    • Singapore Dollar
    • Thai Baht
    • Turkish Lira
    • United States Dollar
    • South African Rand

    United States Dollar

    • United Arab Emirates Dirham
    • Australia Dollar
    • Canadian Dollar
    • Swiss Franc
    • Chinese Yuan
    • Danish Krone
    • Euro
    • British Pound
    • Hong Kong Dollar
    • Hungarian Forint
    • Japanese Yen
    • South Korean Won
    • Mexican Peso
    • Malaysian Ringgit
    • Norwegian Krone
    • New Zealand Dollar
    • Polish Zloty
    • Russian Ruble
    • Saudi Arabian Riyal
    • Swedish Krona
    • Singapore Dollar
    • Thai Baht
    • Turkish Lira
    • United States Dollar
    • South African Rand
    Nilai Tukar Saat Ini  :
    --
    Jumlah
    United Arab Emirates Dirham
    Jumlah yang dapat ditukar
    -- United States Dollar
    Peringatan

    Basis data WikiFX berasal dari pihak berwenang yang resmi, seperti FCA, ASIC, dll. Konten yang dipublikasikan juga didasarkan pada keadilan, objektivitas, dan fakta. WikiFX tidak meminta biaya hubungan masyarakat (PR), biaya iklan, biaya peringkat, biaya penghapusan data, dan biaya-biaya lainnya. WikiFX akan melakukan yang terbaik dalam menjaga konsistensi dan sinkronisitas data dengan sumber data yang berwenang sesuai otoritas peraturan,tetapi tidak menjamin data diperbarui secara konsisten.

    Mengingat segi kekompleksan dari industri forex, tak menutup kemungkinan bahwa beberapa broker mendapatkan lisensi yang dikeluarkan oleh lembaga regulasi resmi secara ilegal. Jika data yang diterbitkan oleh WikiFX tidak sesuai dengan fakta, silakan gunakan fungsi Kritik dan Saran untuk memberi tahu kami. Kami akan segera memeriksa dan mempublikasikan hasilnya.

    Valas, logam mulia, dan CFD (OTC) adalah produk leverage dengan tingkat risiko tinggi yang dapat menyebabkan kerugian pada prinsip investasi Anda. Silakan pertimbangkan secara rasional.

    Catatan khusus, konten situs WikiFX hanya untuk tujuan informasi dan tidak boleh ditafsirkan sebagai saran investasi. Broker Forex dipilih oleh pengguna. Pengguna memahami dan memperhitungkan semua risiko yang timbul dengan perdagangan Forex yang tidak relevan dengan WikiFX, pengguna harus menanggung tanggung jawab penuh atas konsekuensinya.

    ×

    Pilih negara/ daerah